Salumber_260825_212616.pdf
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✴️ राजस्थान विद्या संबल योजना-2026 : आवेदन भरने की प्रक्रिया व महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी
🎉जिला - सलूम्बर
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पाली_जिला__260825_212644.pdf
3.1 MB
✴️ राजस्थान विद्या संबल योजना-2026 : आवेदन भरने की प्रक्रिया व महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी
🎉जिला - पाली
🎉जिला - पाली
प्रमाण पत्र (1)_260825_212708.pdf
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✴️राजस्थान विद्या संबल योजना-2026 : आवेदन पत्र का फॉर्मेट - सभी जिलों के लिए
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उप-राष्ट्रपति ने 'मल्हार 2026' का उद्घाटन किया
उप-राष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में 'अंतर हृदय कनेक्ट' द्वारा आयोजित 'मल्हार 2026' का उद्घाटन किया। यह भारतीय शास्त्रीय संगीत का एक युवा-केंद्रित और मॉनसून-थीम वाला उत्सव है।
सभा को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने 'अंतर हृदय कनेक्ट' की सराहना की। उन्होंने युवाओं के लिए भारत की समृद्ध शास्त्रीय संगीत विरासत का अनुभव करने और उससे जुड़ने के अवसर पैदा करने, खासकर मुफ्त शास्त्रीय संगीत कार्यक्रमों के माध्यम से, उनके प्रयासों की प्रशंसा की
उप-राष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में 'अंतर हृदय कनेक्ट' द्वारा आयोजित 'मल्हार 2026' का उद्घाटन किया। यह भारतीय शास्त्रीय संगीत का एक युवा-केंद्रित और मॉनसून-थीम वाला उत्सव है।
सभा को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने 'अंतर हृदय कनेक्ट' की सराहना की। उन्होंने युवाओं के लिए भारत की समृद्ध शास्त्रीय संगीत विरासत का अनुभव करने और उससे जुड़ने के अवसर पैदा करने, खासकर मुफ्त शास्त्रीय संगीत कार्यक्रमों के माध्यम से, उनके प्रयासों की प्रशंसा की
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राष्ट्रीय कौशल विकास निगम- एन एस डी सी और कल्टस एजुकेशन ने अमेजॉन वेब सर्विसेज के साथ मिलकर राष्ट्रीय स्तर पर क्लाउड तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कौशल की शुरुआत करने की घोषणा की है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य 1.25 लाख से अधिक लोगों को एआई और क्लाउड साक्षरता के बारे में आधारभूत जानकारी उपलब्ध कराना है।
इसके अलावा 10 हजार भागीदारों को रोजगार योग्य प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी ने कहा है कि इस पहल में विकसित भारत का विज़न परिलक्षित होता है। उन्होंने कहा कि भारत नवाचार, तकनीक और प्रतिभा का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य 1.25 लाख से अधिक लोगों को एआई और क्लाउड साक्षरता के बारे में आधारभूत जानकारी उपलब्ध कराना है।
इसके अलावा 10 हजार भागीदारों को रोजगार योग्य प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी ने कहा है कि इस पहल में विकसित भारत का विज़न परिलक्षित होता है। उन्होंने कहा कि भारत नवाचार, तकनीक और प्रतिभा का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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CSIR-NIScPR ने अपनी लोकप्रिय हिंदी विज्ञान पत्रिका 'विज्ञान प्रगति' के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्लेटिनम जयंती समारोह का आयोजन किया
सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान (CSIR-NIScPR) ने अपनी लोकप्रिय हिंदी विज्ञान पत्रिका 'विज्ञान प्रगति' के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्लेटिनम जयंती समारोह का आयोजन किया।
1952 में शुरू हुई 'विज्ञान प्रगति' ने पिछले 75 वर्षों में आम जनता के बीच सरल और सुलभ भाषा में वैज्ञानिक जानकारी का प्रसार करने, वैज्ञानिक सोच और जागरूकता को बढ़ावा देने और वैज्ञानिक उपलब्धियों को समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान (CSIR-NIScPR) ने अपनी लोकप्रिय हिंदी विज्ञान पत्रिका 'विज्ञान प्रगति' के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्लेटिनम जयंती समारोह का आयोजन किया।
1952 में शुरू हुई 'विज्ञान प्रगति' ने पिछले 75 वर्षों में आम जनता के बीच सरल और सुलभ भाषा में वैज्ञानिक जानकारी का प्रसार करने, वैज्ञानिक सोच और जागरूकता को बढ़ावा देने और वैज्ञानिक उपलब्धियों को समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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गायत्री-त्रीसा ने विश्व चैंपियनशिप में अपना पहला कांस्य पदक पक्का कर लिया
इंदिरा गांधी स्टेडियम में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के महिला डबल्स सेमीफाइनल में शनिवार को भारत की त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद को दुनिया की नंबर एक चीनी जोड़ी लियू शेंग शू और टैन निंग के खिलाफ कड़े मुकाबले के बाद तीन गेम में हार (21-18, 13-21, 8-21) का सामना करना पड़ा।
हालांकि, वह ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहीं। दुनिया में 39वें नंबर की त्रिशा और गायत्री ने सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए तीन सीडेड जोड़ियों को हराया था।
सेमीफाइनल में हार के बावजूद त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की उपलब्धि ऐतिहासिक है। भारत ने महिला युगल में आखिरी बार 2011 में विश्व चैंपियनशिप पदक जीता था, जब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने लंदन में कांस्य पदक हासिल किया था।
इंदिरा गांधी स्टेडियम में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के महिला डबल्स सेमीफाइनल में शनिवार को भारत की त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद को दुनिया की नंबर एक चीनी जोड़ी लियू शेंग शू और टैन निंग के खिलाफ कड़े मुकाबले के बाद तीन गेम में हार (21-18, 13-21, 8-21) का सामना करना पड़ा।
हालांकि, वह ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहीं। दुनिया में 39वें नंबर की त्रिशा और गायत्री ने सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए तीन सीडेड जोड़ियों को हराया था।
सेमीफाइनल में हार के बावजूद त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की उपलब्धि ऐतिहासिक है। भारत ने महिला युगल में आखिरी बार 2011 में विश्व चैंपियनशिप पदक जीता था, जब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने लंदन में कांस्य पदक हासिल किया था।
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