भारतीय नौसेना का जहाज सह्याद्रि 10 अक्टूबर, 2026 को रूस के व्लादिवोस्तोक पहुंचा।
➣ यह युद्धपोत भारतीय नौसेना और रूसी संघ की नौसेना (आरयूएफएन) के बीच 13 से 18 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले द्विपक्षीय अभ्यास इंद्र-2026 में भाग लेगा।
➣ इस अभ्यास से दोनों देशों की नौसेनाओं को पेशेवर एवं परिचालन स्तर पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिलेगा, जिससे समुद्री सहयोग और पारस्परिक रूप से एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।
➣ आईएनएस सह्याद्रि की भागीदारी भारत सरकार के महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति) के दृष्टिकोण के अनुरूप है
➣ यह युद्धपोत भारतीय नौसेना और रूसी संघ की नौसेना (आरयूएफएन) के बीच 13 से 18 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले द्विपक्षीय अभ्यास इंद्र-2026 में भाग लेगा।
➣ इस अभ्यास से दोनों देशों की नौसेनाओं को पेशेवर एवं परिचालन स्तर पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिलेगा, जिससे समुद्री सहयोग और पारस्परिक रूप से एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।
➣ आईएनएस सह्याद्रि की भागीदारी भारत सरकार के महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति) के दृष्टिकोण के अनुरूप है
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सूचना का अधिकार दिवस
🔹 जानकारी नागरिकों की शक्ति है और पारदर्शिता लोकतंत्र की नींव!
सूचना का अधिकार नागरिकों को सरकारी कार्यों, नीतियों और निर्णयों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का सशक्त माध्यम प्रदान करता है। यह शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के साथ नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सशक्त बनाता है।
जागरूक नागरिक, पारदर्शी शासन और जवाबदेह प्रशासन, यही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है।
🔹 जानकारी नागरिकों की शक्ति है और पारदर्शिता लोकतंत्र की नींव!
सूचना का अधिकार नागरिकों को सरकारी कार्यों, नीतियों और निर्णयों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का सशक्त माध्यम प्रदान करता है। यह शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के साथ नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सशक्त बनाता है।
जागरूक नागरिक, पारदर्शी शासन और जवाबदेह प्रशासन, यही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है।
✅फोर्ब्स की भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में गौतम अडाणी सबसे आगे
👉1 अक्टूबर को फोर्ब्स 2026 की भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में गौतम अडाणी नंबर-1 पर पहुंच गए हैं।
👉वे पिछले 3 साल के बाद में नंबर वन पर पहुंचे हैं। अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी और उनके परिवार की कुल संपत्ति 10.85 लाख करोड़ है।
पिछले साल के मुकाबले उनकी संपत्ति 1.99 लाख करोड़ बढ़ी है। डॉलर के लिहाज से वे इस साल लिस्ट में सबसे ज्यादा संपत्ति बढ़ाने वाले कारोबारी भी बने।
इस लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी दूसरे स्थान पर रहे। उनकी संपत्ति 1.80 लाख करोड़ रुपए से घटकर 8.3 लाख करोड़ रुपए रही।
👉इस साल फोर्ब्स की लिस्ट में 4 नए नाम भी शामिल हुए। ये इंडो-एमआईएम के कृष्णा चिवुकुला, अपार इंडस्ट्रीज के कुशल और चैतन्य देसाई, आदित्य इन्फोटेक के आदित्य खेमका और बालाजी वेफर्स के विरानी बंधु हैं।
👉1 अक्टूबर को फोर्ब्स 2026 की भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में गौतम अडाणी नंबर-1 पर पहुंच गए हैं।
👉वे पिछले 3 साल के बाद में नंबर वन पर पहुंचे हैं। अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी और उनके परिवार की कुल संपत्ति 10.85 लाख करोड़ है।
पिछले साल के मुकाबले उनकी संपत्ति 1.99 लाख करोड़ बढ़ी है। डॉलर के लिहाज से वे इस साल लिस्ट में सबसे ज्यादा संपत्ति बढ़ाने वाले कारोबारी भी बने।
इस लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी दूसरे स्थान पर रहे। उनकी संपत्ति 1.80 लाख करोड़ रुपए से घटकर 8.3 लाख करोड़ रुपए रही।
👉इस साल फोर्ब्स की लिस्ट में 4 नए नाम भी शामिल हुए। ये इंडो-एमआईएम के कृष्णा चिवुकुला, अपार इंडस्ट्रीज के कुशल और चैतन्य देसाई, आदित्य इन्फोटेक के आदित्य खेमका और बालाजी वेफर्स के विरानी बंधु हैं।
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✅ भारत की पहली हाई-अल्टीट्यूड वाइल्डलाइफ सफारी का शुभारंभ 🐆🏔️
🔹 शुरुआत: 7 अक्टूबर 2026 को लद्दाख के लेह स्थित चोगलमसर संरक्षित वन में।
🔹 उद्घाटनकर्ता: लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना।
🔹 संचालन: स्नो लेपर्ड एंड हाई-अल्टीट्यूड नेचर कंजर्वेशन (SHAN) सोसाइटी एवं लद्दाखके वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण विभाग द्वारा।
🔹 प्रमुख सफारी क्षेत्र: रुम्बक, शांग और उले
मुख्य उद्देश्य: हिम तेंदुओं के संरक्षण, अवैध ऑफ-रोडिंग पर रोक, पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना।
🔹 शुरुआत: 7 अक्टूबर 2026 को लद्दाख के लेह स्थित चोगलमसर संरक्षित वन में।
🔹 उद्घाटनकर्ता: लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना।
🔹 संचालन: स्नो लेपर्ड एंड हाई-अल्टीट्यूड नेचर कंजर्वेशन (SHAN) सोसाइटी एवं लद्दाखके वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण विभाग द्वारा।
🔹 प्रमुख सफारी क्षेत्र: रुम्बक, शांग और उले
मुख्य उद्देश्य: हिम तेंदुओं के संरक्षण, अवैध ऑफ-रोडिंग पर रोक, पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना।
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✅NABKISAN ने देश का पहला सोशल बॉन्ड जारी किया
👉4 अक्टूबर को राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक यानी नाबार्ड की सहायक कंपनी नबकिसान ने भारत का पहला WASH- सोशल बॉन्ड जारी किया। WASH का पूरा नाम वाटर (Water), सैनिटेशन (Sanitation), और हाइजीन (Hygiene) है।
👉इस बॉन्ड से ₹180 करोड़ की कैपिटल जुटाई गई। इस बॉन्ड का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, टॉयलेट निर्माण और स्वच्छता परियोजनाओं में किया जाएगा।
👉इस बॉन्ड के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे किसान, महिला स्वयं सहायता समूह (SHGs) और गरीब परिवारों को फायदा मिलेगा। भारत के पूंजी बाजार में किसी NBFC ने जारी यह अपनी तरह का पहला सोशल बॉन्ड है।
👉नाबार्ड की स्थापना 12 जुलाई 1982 को बी. शिवरामन समिति की सिफारिश पर की गई थी।इसका मुख्यालय मुंबई (महाराष्ट्र) में स्थित है।अक्टूबर करेंट अफेयर्स
👉4 अक्टूबर को राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक यानी नाबार्ड की सहायक कंपनी नबकिसान ने भारत का पहला WASH- सोशल बॉन्ड जारी किया। WASH का पूरा नाम वाटर (Water), सैनिटेशन (Sanitation), और हाइजीन (Hygiene) है।
👉इस बॉन्ड से ₹180 करोड़ की कैपिटल जुटाई गई। इस बॉन्ड का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, टॉयलेट निर्माण और स्वच्छता परियोजनाओं में किया जाएगा।
👉इस बॉन्ड के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे किसान, महिला स्वयं सहायता समूह (SHGs) और गरीब परिवारों को फायदा मिलेगा। भारत के पूंजी बाजार में किसी NBFC ने जारी यह अपनी तरह का पहला सोशल बॉन्ड है।
👉नाबार्ड की स्थापना 12 जुलाई 1982 को बी. शिवरामन समिति की सिफारिश पर की गई थी।इसका मुख्यालय मुंबई (महाराष्ट्र) में स्थित है।अक्टूबर करेंट अफेयर्स
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✅बुक्सा टाइगर रिज़र्व में बाघिन को लाया गया
🗝️प्रजाति संरक्षण के लिये एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (बिहार) से स्थानांतरित एक बाघिन (T138) को बुक्सा टाइगर रिजर्व (पश्चिम बंगाल) में लाया गया।
🗝️इस प्रकार भारत के वन्यजीव सप्ताह 2026 का उद्घाटन हुआ और एक चरणबद्ध रूप से बाघ पुनर्प्रवेश कार्यक्रम का आरम्भ हुआ।
🗝️भारत का वन्यजीव सप्ताह 2026 जैव विविधता संरक्षण और सार्वजनिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिये देश भर में 2 अक्तूबर से 8 अक्तूबर तक मनाया जाता है।
🗝️भारत के वन्यजीव सप्ताह 2026 की केंद्रीय विषय, "कनेक्टिंग हैबिटेट्स, थ्राइविंग वाइल्डलाइफ" प्रजातियों के अस्तित्व और सुरक्षित प्रसार के लिये पारिस्थितिक गलियारों की अत्यंत आवश्यकता पर बल देती है।
🗝️यह प्रक्रिया 'टाइगर ऑगमेंटेशन एंड रिकवरी प्रोजेक्ट' (बाघ संवर्द्धन एवं पुनर्प्राप्ति परियोजना) का हिस्सा है, जिसे पश्चिम बंगाल सरकार, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) द्वारा वर्ष 2018 से सहयोगात्मक रूप से लागू किया जा रहा है।
🗝️प्रजाति संरक्षण के लिये एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (बिहार) से स्थानांतरित एक बाघिन (T138) को बुक्सा टाइगर रिजर्व (पश्चिम बंगाल) में लाया गया।
🗝️इस प्रकार भारत के वन्यजीव सप्ताह 2026 का उद्घाटन हुआ और एक चरणबद्ध रूप से बाघ पुनर्प्रवेश कार्यक्रम का आरम्भ हुआ।
🗝️भारत का वन्यजीव सप्ताह 2026 जैव विविधता संरक्षण और सार्वजनिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिये देश भर में 2 अक्तूबर से 8 अक्तूबर तक मनाया जाता है।
🗝️भारत के वन्यजीव सप्ताह 2026 की केंद्रीय विषय, "कनेक्टिंग हैबिटेट्स, थ्राइविंग वाइल्डलाइफ" प्रजातियों के अस्तित्व और सुरक्षित प्रसार के लिये पारिस्थितिक गलियारों की अत्यंत आवश्यकता पर बल देती है।
🗝️यह प्रक्रिया 'टाइगर ऑगमेंटेशन एंड रिकवरी प्रोजेक्ट' (बाघ संवर्द्धन एवं पुनर्प्राप्ति परियोजना) का हिस्सा है, जिसे पश्चिम बंगाल सरकार, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) द्वारा वर्ष 2018 से सहयोगात्मक रूप से लागू किया जा रहा है।
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अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार इस वर्ष अमरीका के अर्थशास्त्रियों रॉबर्ट ई. हॉल और माइकल वुडफोर्ड को देने की घोषणा की गई है।
उन्होंने नीति निर्माताओं को आर्थिक उछाल और मंदी के दौरान अर्थव्यवस्थाओं को स्थिर करने में मदद करने वाले व्यापक आर्थिक मॉडल विकसित किए हैं।
रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने कहा कि उनके काम ने राजकोषीय और मौद्रिक नीतियों के सैद्धांतिक आधार को मजबूत किया। साथ ही, सरकारों तथा केंद्रीय बैंकों की आर्थिक उतार-चढ़ाव का सामना करने की क्षमता में सुधार किया है।
उन्होंने नीति निर्माताओं को आर्थिक उछाल और मंदी के दौरान अर्थव्यवस्थाओं को स्थिर करने में मदद करने वाले व्यापक आर्थिक मॉडल विकसित किए हैं।
रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने कहा कि उनके काम ने राजकोषीय और मौद्रिक नीतियों के सैद्धांतिक आधार को मजबूत किया। साथ ही, सरकारों तथा केंद्रीय बैंकों की आर्थिक उतार-चढ़ाव का सामना करने की क्षमता में सुधार किया है।
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RPSC_Update_261013_194717.pdf
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